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Friday, 6 March 2015

उत्तर वैदिक काल

1.      उत्तर वैदिक कालखंड कब से कब तक था ? --------1000 ई.पू. से 600 ई.पू. तक
2.      उत्तर वैदिक काल के जानकारी के स्त्रोत क्या हैं ? ------यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद
3.      उत्तर वैदिक काल में आर्यों का विस्तार पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व की ओर होने लगा था । आर्य पंजाब के कुरुक्षेत्र यानी गंगा-यमुना दोआब में फैल गए थे । आर्यों ने कबीलाई जीवन छोड़कर स्थायी जीवन व्यतीत करना शुरू कर दिया था । उत्तर वैदिक आर्य जिस विस्तृत क्षेत्र में रहते थे उसे आर्यावर्त का नाम दिया गया ।उत्तर वैदिक काल की विशेषता क्या है ? ---------चित्रित घूसर, मृदभाण्ड तथा लोहा
4.      किस उपनिषद में मनुष्य के जीवन को चार आश्रमों में बाटा गया है ? ----------छान्दोग्य उपनिषद
5.      मनुष्य के जीवन को किन चार आश्रमों में बांटा गया है ? --------ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ तथा संन्यास ।
6.      नाटकों के मंचन को क्या कहा जाता था ? ---------शैलूष
7.      पांचाल राज्य किस चीज को लेकर विख्यात था ? -------------दार्शनिक राजाओं और तत्वज्ञानी ब्राह्मणों को लेकर
8.      वैदिक काल का सबसे बड़ा और ज्यादा लौह पुंज कहां मिला है ? ----------अतरंजीखेड़ा
9.      धनवान व्यक्ति को क्या कहा जाता था ? -----------इभ्य
10.  उत्तर वैदिक काल में किन सिक्कों का जिक्र मिलता है ? ---------निष्क, शतमान तता कृष्णल
11.  मिट्टी के एक विशेष प्रकार के बनाए बर्तन को क्या कहा जाता था ? ---------चित्रित धूसर मृदभाण्ड ( PAINTED GREY WARE-PWG)
12.  24 बैलों द्वारा खींचे जाने वाले हलों का उल्लेख कहां मिलता है ? ---------------काठक
13.  किस उपनिषद में अन्न को ब्रह्मा कहा गया है ? ----------तैत्तिरीय उपनिषद
14.  यजुर्वेद में हल को क्या नाम दिया गया है ? ----------सीर
15.  उत्तर वैदिक काल के महत्वपूर्ण देवता थे ? -------प्रजापतिदेवियों को भी देवकुल में जगह मिली । विष्णु को मनुष्य जाति के दुखों का अंत करने वाला माना गया ।
16.  शुद्रों के देवता के रुप कौन प्रचलित थे ?--------- पूषनऋग्वैदिक काल में पूषन पशुओं के देवता थे ।
17.  राज्याभिषेक का किस वेद में उल्लेख है ? -----अर्थवेद
18.  छोटे न्यायालय को क्या कहा जाता था ? --------ग्राम्य वादिन

19.  उत्तर वैदिक यज्ञ कौन-कौन से थे ? -------राजसूय, वाजपेय, अश्वमेघ, अग्निष्टोम 

वैदिक काल


1.       वैदिक संस्कृति क्या है ? -------आर्यों के द्वारा निर्मित सामाजिक-सांस्कृतिक तथा आर्थिक व्यवस्था वैदिक संस्कृति के रूप में जानी जाती है।
2.       वैदिक काल कब से कब तक माना जाता है ? -------  1500 ई.पू. से 600 ई.पू. तक
3.       वेदों की संख्या कितनी है ? -----चार (ऋग्वेद,यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद)
4.       आर्य कहां से आए थे ? -------भारतीय क्षेत्र में आर्यों के आगमन के कई मत हैं । लेकिन अधिकांश मतों के अनुसार आर्य यूरोप के कैस्पियन सागरीय क्षेत्र के मूल निवासी थे। आर्य खैबर दर्रे के मार्ग से भारत    आए और सबसे पहले पश्चिमोत्तर भारत को अपना निवास स्थान बनाया ।
5.       भारत आकर आर्य जिस क्षेत्र में बसे उसे क्य कहा जाता है ? ------सप्त सैंधव प्रदेश-
               ईरान की पवित्र पुस्तक जेन्दावेस्ता तथा बोगजकोई अभिलेख से स्पष्ट होता है कि आर्य ईरान से होकर भारत आए थे । भारत आकर जिस क्षेत्र में बसे उसे सप्त सैंधव प्रदेश कहा जाता है ।
ऋग्वैदिक काल
6.        ऋग्वैदिक काल का काल खंड कब तक है ? --------1500 ई.पू. से 1000 ई.पू. तक
7.        ऋग्वैदिक काल की जानकारी का स्त्रोत क्या है ? --------ऋग्वेद 
8.        इस काल खंड में वैदिक आर्य किस तरह की जिंदगी व्यतीत करते थे ? ----------  अस्थायी जीवन
9.        सप्त सिंधू प्रदेश का मतलब क्या है ? ----------इस क्षेत्र में प्रमुख सात नदियां प्रवाहित होती थीं । ये नदियां थीं- सिंधू, सतलज, रावी, चिनाब, झेलम, व्यास और सरस्वती ।
10.   ऋग्वेद में सप्त सिंधू प्रदेश को क्या कहा गया है ? --------ब्रह्मावर्त
11.   ऋग्वेद में हिमालय की चोटी को क्या कहा गया है ? ----------मूजवन्त
12.   सीर का मतलब क्या था ? --------हल
13.   खिल्य शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था ? ---------चारागाह
14.   करीष शब्द का इस्तेमाल किसके लिए किया जाता था ? ----------गोबर की खाद
15.   अवट शब्द का मतलब क्या था ? ----------कूप
16.   ऋग्वेद में सीता किसे कहकर संबोधित किया गया है ? ---------  हल से बनी नालियों के लिए सीता शब्द का प्रयोग होता था ।
17.   परिवार के मुखिया को क्या कहा जाता था ? ---------  कुलप
18.   इस समय समाज किस तरह का था ? --------पितृ प्रधान समाज/कबीलाई समाज भी
                (नारियों को उचित सम्मान दिया जाता था । महिलाएं अधिक स्वच्छन्द तथा स्वतंत्र जीवन-यापन करती थीं ।)
19.   ऋग्वैदिक काल में किन विदुषी महिलाओं का उल्लेख है ? --------अपरा, घोषा, विश्वतारा और गार्गी ।
20.   ऋग्वेद में कहां चार वर्णों(ब्राह्मण,क्षेत्रिय, वैश्य, शुद्र) की जानकारी मिलती है ? -----------पुरुषसूक्त
                  (पुरुषसूक्त में चार वर्णों- ब्राह्मण, क्षेत्रिय, वैश्य तथा शूद्र की चर्चा मिलती है। किन्तु तब यह विभाजन जन्ममूलक न होकर कर्ममूलक था ।)
21.   ऋग्वेद में अघन्या किसके लिए उपयोग किया जाने वाला शब्द है। ---------गाय को अघन्या माना जाता था। इसका अर्थ है न मारने-योग्य ।
22.   दास और दस्यु को आर्य किस नाम से पुकारते थे ? --------अमानुष
23.   लंबे समय तक विवाह नहीं करने वाली कन्याओं को क्या कहा जाता था ? ---------अमाजू
    (बहुपत्नी प्रथा अनुपस्थित थी । बाल-विवाह की प्रथा नहीं थी । समाज में सती-प्रथा का कोई अस्तित्व नहीं था। विधवाओं को पुनर्विवाह की अनुमति थी ।}
24.   ऋग्वैदिक समाज में किसको अधिक महत्व दिया जाता था ? ---------संस्कार
25.   आर्यों का प्रमुख पेय क्या था ? ------सोम रस
               (सोम रस को विशेष आयोजनों में परोसा जाता था । दूध तथा दूध से बने व्यंजनों की चर्चा भी मिलती है ।)
26.   आर्यों के परिधान को कितने भागों में बांटा गया है ? -----तीन भागों में- वास, अधिवास तथा उष्णीष
27.   परिधान के नीच पहने जाने वाले अधोवस्त्र को क्या कहा जाता था ? -----नीवी
28.   किस पशु के लिए युद्ध का विवरण ऋग्वेद में मिलता है ? -------गाय
29.   संपत्ति की गणना किस रूप में की जाती थी ? --------रयि यानी मवेशियों के रूप में । 
                 (गाय के अतिरिक्त बकरियां(अजा), भेड़(अवि) और घोड़े भी पाले जाते थे ।)
30.   ऋग्वेद में किस फसल की चर्चा है ? -------यव (जौ) और धान 
31.   ऋग्वेद में किस सिक्के का जिक्र है ? -------निष्क
   (इस समय वस्तु विनिमय प्रणाली थी। लेकिन निष्क नामक सिक्के का भी जिक्र है ।)
32.   व्यापारियों को किस नाम से जाना जाता था ? -------पणि
33.   सूदखोर को किस नाम से बुलाया जाता था ?------ बेकनाट
34.   गायत्री मंत्र कहां से लिया गया है ? --------ऋग्वेद
35.   सत्यमेव जयते का जिक्र कहां किया गया है ? -------मुण्डकोपनिषद
36.   असतो मा सद् गमय कहां से लिया गया है ? ------ऋग्वेद
37.   गांव के प्रधान को क्या कहा जाता था ? ----ग्रामणी
38.   कई गांव के समूह को क्या कहते थे ? ------विश
39.   विशों के समूह को क्या कहा जाता था ? -----जन 
40.   जन के अधिपति को क्या कहा जाता था ? ------जनपति या राजा
        (राजा कोई पैतृक शासक नहीं था। इसे सभा तथा समियां चुनती थीं।)
41.   ऋग्वैदिक काल में कौन-कौन सी जनप्रतिनिधि संस्थाएं थीं ? --------सभा, समिति तथा विदथ
(समिति समुदाय की आम सभा थी जिसके अध्यक्ष को ईशान कहते थे। समिति की सदस्यता आम लोगों के लिए खुली होती थी ।समिति ही राजा का चयन करती थी । इसमें स्त्रियां भी भाग लेती थीं।)
42.   रत्निन शब्द का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है ? ---------अधिकारों के समूह के लिए 
43.   आर्यों की सबसे प्राचीन संस्था का क्या नाम है ? ---------विदथ( इसे जनसभा भी कहा जाता था )
44.   बलि का मतलब किस चीज से था ? ----------कर (टैक्स)
45.   गुप्तचरों यानी जासूसों को किस शब्द का प्रयोग किया गया है ? --------स्पश
46.   ऋग्वेद का सबसे महत्वपूर्ण देवता किसे कहा गया है ? -------इंद्र
(इंद्र को पुरंदर भी कहा गया है ।)
47.   इंद्र के बाद किस देवता को खास माना गया है ? -------अग्नि एवं वरुण


हड़प्पा सभ्यता के पुरास्थल

पुरास्थलस्थान
1- हड़प्पा सभ्यता का सर्वाधिक पश्चिमी पुरास्थलसत्कागेन्डोर (बलूचिस्तान)
2- सर्वाधिक पूर्वी पुरास्थलआलमगीरपुर (मेरठ)
3- सर्वाधिक उत्तर पूरास्थलमांडा (जम्मू कश्मीर)
4- सर्वाधिक दक्षिणी पुरास्थलदायमाबाद (महाराष्ट्र)

हड़प्पाकालीन नदियों के किनारे बसे नगर

नगरनदी/सागर तट
1- मोहनजोदाड़ोसिंधु नदी
2- हड़प्पारावी नदी
3- रोपड़सतलुज नदी
4- कालीबंगाघग्घर नदी
5- लोथलभोगवा नदी
6- सुत्कागेनडोरदाश्त नदी
7- वालाकोटअरब सागर
8- सोत्काकोहअरब सागर
9- आलमगीरपुरहिन्डन नदी
10- रंगपुरमदर नदी
10- कोटदीजीसिंधु नदी

सिधु सभ्यता के प्रमुख स्थल एवं उसके खोजकर्ता

प्रमुख स्थलखोजकर्तावर्ष
1- हड़प्पामाधो स्वरूप वत्स, दयाराम साहनी1921
2- मोहनजोदाड़ोराखाल दास बनर्जी1922
3- रोपड़यज्ञदत्त शर्मा1953
4- कालीबंगाब्रजवासी लाल, अमलानन्द घोष1953
5- लोथलए. रंगनाथ राव1954
6- चन्हूदड़ोंएन.गोपाल मजूमदार1931
7- सूरकोटदाजगपति जोशी1964
8- बणावलीरवीन्द्र सिंह विष्ट1973
9- आलमगीरपुरयज्ञदत्त शर्मा1958
10- रंगपुरमाधोस्वरूप वत्स, रंगनाथ राव1931.-1953
10- कोटदीजीफज़ल अहमद1953
11- सुत्कागेनडोरऑरेल स्टाइन, जार्ज एफ. डेल्स1927

विभिन्न विद्धानों द्वारा सिंधु सभ्यता का काल निर्धारण

काल निर्धारण

सैंधव सभ्यता के काल को निर्धारित करना निःसंदेह बड़ा ही कठिन काम है, फिर भी विभिन्न विद्धानों ने इस विवादास्पद विषय पर अपने विचार व्यक्त किये हैं। 1920 ईसा पूर्व के दशक में सर्वप्रथम हड़प्पाई सभ्यता का ज्ञान हुआ।
  • हड़प्पाई सभ्यता का काल निर्धारण मुख्य रूप से 'मेसोपोटामिया' में 'उर' और 'किश' स्थलों पर पाए गए हड़प्पाई मुद्राओं के आधार पर किया गया। इस क्षेत्र में सर्वप्रथम प्रयास 'जॉन मार्शल' का रहा। उन्होंने 1931 ई. में इस सभ्यता का काल 3250 ई.पू. 2750 ई.पू. निर्धारित किया।
  • ह्वीलर ने इसका काल 2500 - 1500 ई.पू. माना है। बाद के समय में काल निर्धारण की रेडियो विधि का अविष्कार हुआ और इस विधि से इस सभ्यता का काल निर्धारण इस प्रकार है-
  1. पूर्व हड़प्पाई चरण: लगभग 3500-2600 ई.पू.
  2. परिपक्व हड़प्पाई चरण - लगभग 2600-1900 ई.पू.
  3. उत्तर हड़प्पाई चरण: लगभग 1900-1300 ई.पू.
  • रेडियो कार्बन ‘सी-14‘ जैसी नवीन विश्लेषण पद्धति के द्वारा हड़प्पा सभ्यता का सर्वमान्य काल 2500 ई.पू. से 1750 ई.पू. को माना गया है।
कालविद्धान
1- 3,500 - 2,700 ई.पू.माधोस्वरूप वत्स
2- 3,250 - 2,750 ई.पू.जॉन मार्शल
3- 2,900 - 1,900 ई.पू.डेल्स
4- 2,800 - 1,500 ई.पू. .अर्नेस्ट मैके
5- 2,500 - 1,500 ई.पू.मार्टीमर ह्यीलर
6- 2,350 - 1,700 ई.पू.सी.जे. गैड
7- 2,350 - 1,750 ई.पू.डी.पी. अग्रवाल
8- 2,000 - 1,500 ई.पू.फेयर सर्विस

हङप्पा सभ्यता या सिंधु घाटी सभ्यता

                          सिंधु घाटी सभ्यता य़ा हङप्पा सभ्यता-

सिन्ध में मोहनजोदड़ों में हड़प्पा संस्कृति के अवशेष
1. सिंधु घाटी सभ्यता का नाम हङप्पा सभ्यता क्यों पड़ा।
सबसे पहले 1927 में 'हड़प्पा' नामक स्थल पर उत्खनन होने के कारण 'सिन्धु सभ्यता' का नाम 'हड़प्पा सभ्यता' पड़ा। पर कालान्तर में 'पिग्गट' ने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ों को ‘एक विस्तृत साम्राज्य की जुड़वा राजधानियां‘ बतलाया।
2. इस सभ्यता की खोज किसने की थी।
इस अज्ञात सभ्यता की खोज का श्रेय 'रायबहादुर दयाराम साहनी' को जाता है।
3.यह खुदाई किसके निर्देशन में की गई थी।
पुरातत्त्वसर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक 'सर जॉन मार्शल' के निर्देशन में1921 में इस स्थान की खुदाई करवायी।
4. इस सभ्यता के बारे में  जानकारी कब प्राप्त हुयी।
1920 ईसा पूर्व के दशक में सर्वप्रथम हड़प्पाई सभ्यता का ज्ञान हुआ।
5. हड़प्पा सभ्यता का समय कब तक माना जाता है ?
   2350 ई.पू. से 1750 ई.पू. तक ।

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पहले इसे सिंधु घाटी सभ्यता कहा जाता था । लेकिन लगातार विस्तार के कारण यह नगरीय सभ्यता हड़प्पा सभ्यता के नाम से जानी जाती है ।
6. हड़प्पा सभ्यता का पता कब और किसने लगाया ?
     19 वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने ।
7. हड़प्पा स्थल की खुदाई कब और किसने की ?
   सन् 1921 में दयाराम साहनी ने ।
8. मोहनजोदड़ो स्थल की खुदाई कब और किसने की ?
   सन् 1922-23 में राखलदास बनर्जी ने ।

मोहनजोदड़ो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना जिले में स्थित है। इस क्षेत्र को सिंध का बाग भी कहा जाता है । 
सन् 1922-23 में खुदाई के दौरान हड़प्पा से मिलते-जुलते अवशेष तथा अधिसंरचना को देखा गया। इसके उपरांत पश्चिमोत्तर भारत के वृहद क्षेत्र में विभिन्न स्थलों की खुदाई से विकसित हड़प्पा का पता चला ।
9. हड़प्पा सभ्यता का क्षेत्र कितने किलोमीटर में फैला है ?
     12,99,660 वर्ग किमी

यह सभ्यता उत्तर में कश्मीर के माण्डा से दक्षिण में ताप्ती नदी के मुहाने पर स्थित भगवतराव तथा पश्चिम में बलूचिस्तान के सुत्कागेंडोर से पूर्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आलमगीरपुर तक फैला है ।
10. भारत में कहां-कहां हड़प्पा सभ्यता का पता चला है ?
   गुजरात के काठियावाड़ और अमहदाबाद, राजस्थान के श्रीगंगानगर, हरियाणा के हिसार और पंजाब के रोपड़ में ।
11. हड़प्पा वासियों की सामाजिक व्यवस्था का मुख्य आधार क्या था ?
   परिवार

मातृ सत्तात्मक समाज का अनुमान लगाया जाता है। हड़प्पा से मातृदेवी की प्रतिमा मिली है।
12. हड़प्पा वासियों का समाज कैसा था ?
    मातृ सत्तात्मक
13. आग से पकी हुई मिट्टी को इस समय क्या कहा जाता था ?
    टेराकोटा
14. बिल्ली का पीछा करते हुए कुत्ते के पंजों के निशान कहां मिले हैं ?
    सिंधुकालीन स्थल चन्हूदड़ो में ।
15. मनका निर्माण की फैक्ट्री कहां स्थित थी ?
    चन्हूदड़ो में ।
16. किस खेल का प्रचलन हड़प्पा के समय था ?
    शतरंज
18. हड़प्पा में किसकी अराधना की जाती थी ?
    मातृ देवी तथा पशुपति

मोहनजोदड़ों से प्राप्त एक मुहर पर पशुपति शिव की मूर्ति उत्कीर्ण है। जिसके दायीं ओर चीता और हाथी तथा बायीं ओर गैंडा और भैंसा उत्कीर्ण है। सिर पर त्रिशूल जैसा आभूषण है।
19. हड़प्पा/ सिंधुघाटी सभ्यता में पवित्र पशु कौन थे ?
    कूबड़वाला बैल तथा श्रृंगयुक्त पशु

गाय का अंकन मुहरों पर नहीं दिखता, किन्तु उसकी पवित्रता भी निर्विवाद रूप से रही होगी।
20. हड़प्पावासी किसे अपना पवित्र पक्षी मानते थे ?
    फाख्ता
21. स्वास्तिक किसकी देन है ?
    हड़प्पा सभ्यता
22.मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए कितनी विधियां प्रचलित थीं ?
    तीन विधियां-
     1. पूर्ण समाधीकरण,
     2. आंशिक समाधीकरण,
     3. दाह-संस्कार

पूर्ण समाधीकरण की प्रविधि ही अधिक प्रचलित थी। हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो से समाधीकरण के साक्ष्य मिले हैं। मोहनजोदड़ो का तो शाब्दिक अर्थ ही है- मुर्दों का टीला
23. हड़प्पा में कितनी फसलें उपजाई जाती थीं ?
    अब तक नौ फसलों की पहचान हुई है- गेहूं, जौ के अतिरिक्त कपास, तरबूज तथा मजर भी उपजाए जाते थे।
24. कपास के उपज की पहली जानकारी कहां से मिली ?
    हड़प्पा
25. कपास को यूनानी क्या कहते थे ?
    सिन्डॉन 
26. खेत की जुताई के लिए किसका उपयोग किया जाता था ?
   हल
27. इस समय कौन से घातु मिलने के प्रमाण हैं ?
   तांबा, टिन और कांस्य

धातुकर्म की जानकारी इस सभ्यता के लोगों को थी। ताम्र तथा टिन के मिश्रण से कांस्य निर्माण की विधि उन्हें मालूम थी।
28. हड़प्पा सभ्यता में व्यापार कैसे होता था ?
    लोग आंतरिक और बाह्य व्यापार में संलग्न थे । आंतरिक व्यापार बैलगाड़ी से संचालित होता था ।
29. मेलूहा शब्द किसके लिए इस्तेमाल किया गया ?
   मेसोपोटामिया के साक्ष्यों में इस शब्द का प्रयोग हड़प्पा के लिए किया गया है।

हड़प्पावासियों का बाह्य व्यापार फारस की खाड़ी, मेसोपोटामिया, अफगानिस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान से भी होता था ।
30. सैंधव वासी मिठास के लिए किस चीज का इस्तेमाल करते थे ?
   शहद
31. हड़प्पा के समय व्यापार की कौन सी प्रणाली प्रचलित थी ?
   वस्तु विनिमय प्रणाली
32. हड़प्पा के समय क्या प्रमुख उद्योग थे ?
    कपड़ा उद्योग, आभूषण निर्माण, शिल्पकर्म, बढ़ईगिरी, मिट्टी के बर्तन बनाना

माप-तौल के मानकीकरण को स्थापित किया गया था । तौल की इकाई संभवत: 16 के अनुपात में थी ।
फुट और क्यूबिक की जानकारी भी लोगों को थी । माप के लिए दशमलव प्रणाली तथा तौल के लिए द्विभाजन प्रणाली के साक्ष्य मिले हैं ।
33. यहां के लोगों ने नगरों और घरों के विन्यास के लिए किस पद्धति को अपनाई ?
    ग्रीड पद्धति
34. हड़प्पा सभ्यता में शहरीकरण की प्रमुख विशेषता क्या थी ?
    निकास प्रणाली

सभी भवनों में स्नानागार बनाए जाते थे तथा इनसे पानी के निकास के लिए पाइपों का निर्माण किया गया था ।
प्रत्येक सड़क और गली के दोनों ओर पक्की नालियां निर्मित हैं । खास बात ये भी है कि सभी भवन समान क्षेत्रफल में निर्मित हैं । 
35. हड़प्पा में कहां विशाल स्नानागार के साक्ष्य मिले हैं ?
    मोहनजोदड़ो
36. हड़प्पा में लिपि और धर्म की जानकारी कहां से मिलती है ?
    सैंधवकालीन मुहरों से।
37. इस समय कौन सी लिपि प्रचलित थी ?
    चित्राक्षर लिपि ( चित्रों के माध्यम से संप्रेषण)
38. इस लिपि में कितने चिह्न ज्ञात हैं ?
       400 चित्र(चिह्न)
39. चित्राक्षर लिपि को और किस नाम से पुकारा जाता है ?
    बेन्डोफ्रेंड्रम लिपि
40. इसे लिपि को किस तरफ से लिखा जाता है ?
   बाईं से दाईं ओर

इस लिपि को पढ़ने में अभी तक सफलता नहीं पाई जा सकी है..इस लिपि के चित्र संभवत: अक्षर सूचक हैं । इसे विद्वानों द्वारा संस्कृत का आद्य स्वरूप अथा आद्य-दविड़ लिपि माना जाता है। किसी प्रकार के द्वि- भाषिक लेख नहीं होने के कारण हड़प्पा सभ्यता की लिपि को नहीं पढ़ा जा सका है।
41. आजादी( सन् 1947) के बाद भारत में सबसे अधिक कहां हड़प्पायुगीन स्थलों की खोज हुई ?
    गुजरात
42. किस सैंधव पुरा स्थल से घोड़े की हड्डियों के प्रमाण मिलते हैं ?
    सुरकोटडा
43. सैंधव स्थलों से किस जगह पर सर्वप्रथम कृषि के साक्ष्य उपलब्ध होते हैं ?
    मेहरगढ़
44. वह कौन-सा हड़प्पाकालीन स्थल है जो त्रि-स्तरीय था ?
    धौलावीरा
45. चावल के उत्पादन के साक्ष्य किस सैंधव पुरास्थल से प्राप्त हुए हैं ?
    रंगपुर एवं लोथल
46. मेसोपोटामियाई अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र का प्राचीन नाम क्या मिलता है ?
    मेलुहा
47. किस प्राक्-हड़प्पा स्थल से कूड़ (हलरेखा) का पता चलता है ?
    कालीबंगा
48. पंजाब की किस नदी के नाम पर एक ताम्रपाषाणिक संस्कृति का नामाकरण किया गया था ?
     सोन संस्कृति
49. किस सैंधव पुरा स्थल से फर्श के निर्मित अलंकृत ईंटों का प्रयोग किया गया था ?
     कालीबंगा